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सपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष न बना सके इसलिए दर्ज हुई है FIR – डॉ0 भानु त्रिपाठी

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सपा अपना जिला पंचायत अध्यक्ष न बना सके इसलिए दर्ज हुई है FIR – डॉ0 भानु त्रिपाठी

बलरामपुर। यूपी के बलरामपुर जिले में समाजवादी पार्टी के नेता डॉ0 भानु त्रिपाठी पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने के बाद से जिले की सियासत में हडकंप मच गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव करीब है ऐसे में साम दाम दण्ड भेद की राजनीति शुरू हो गई है।

दरसअल तुलसीपुर बीजेपी दफ्तर के बाहर पान की गुमटी लगाने वाले बालक राम ने तुलसीपुर थाने में एक तहरीर देकर सपा नेता भानु त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज कराया है। सपा नेता पर आरोप है कि उन्होंने पान दुकानदार से दुकान बंद होने के बावजूद गुटखा देने की मांग की और न देने पर उसे जाति पूछकर जाति सूचक गाली दी व मारपीट की। इस शिकायत पर तुलसीपुर थाना पुलिस ने सपा नेता पर 323, 504, 506 व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है।

आज सपा सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री रहे डॉ0 एसपी यादव ने सपा नेता डॉ0 भानु त्रिपाठी के समर्थन में एक प्रेस कांफेंस का आयोजन करते हुए तुलसीपुर विधानसभा से बीजेपी विधायक कैलाश नाथ शुक्ला व बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि आने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय है क्योकि जिले में बीजेपी के महज 6 जिला पंचायत सदस्य ही जीते हैं। जिसके चलते बीजेपी के नेता बौखलाए हुए हैं और महज द्वेषपूर्ण राजनीति करते हुए सपा के नेता डॉ0 भानु त्रिपाठी पर एक पान विक्रेता से तहरीर लेकर मारपीट गाली-गलौज व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह महज हमे व हमारे जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों को डराने के लिए किया जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि साशन सत्ता में बीजेपी है इसीलिए प्रशासन भी उन्हीं की मदद कर रहा है। पूर्व मंत्री ने यह भी खुलासा करते हुए बताया कि जिस व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है वह बीजेपी जिलाध्यक्ष का क़रीबी है और उन्ही के दफ्तर तुलसीपुर के बाहर पान की गुमटी लगाता है। पूर्व मंत्री ने दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने मुकदमे को वापस नहीं लिया तो आने वाले वक्त में गांधीवादी तरीके से हम समाजवादी लोग धरना प्रदर्शन व आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

पूरे मामले पर सपा नेता डॉ0 भानु त्रिपाठी ने कहा कि जिस दिन की घटना दिखाई गई है उस दिन में तुलसीपुर गया ही नहीं था। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरा को चेक किया जाए मेरी गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा है उसे चेक किया जाए, व मेरे मोबाइल के सर्विलांस को चेक कर या पता लगाया जा सकता है कि घटना वाले दिन में मौके पर था या नहीं यदि मैं घटना में शामिल था तो मुझ को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और अगर मैं घटना के दिन वहां मौजूद नहीं था तो फर्जी एफ आई आर दर्ज कराने वाले के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।

पूरे मामले पर सपा नेताओं के आरोपों से घिरे भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने सफाई देते हुए कहा की वादी मुकदमा से मेरा कोई संबंध नहीं है ना ही वह मेरा आदमी है। मेरे तुलसीपुर बीजेपी दफ्तर के बगल वह एक पान की गुमटी लगाता है और यदा-कदा जब कोई पार्टी दफ्तर पर आता है तो उसके लिए चाय पानी लाने के लिए उससे कह दिया जाता है। बगल में रहने के कारण वह भी एतराज नहीं करता है जहां तक मेरे दबाव व संलिप्तता का सवाल है तो मुझे बलरामपुर मुख्यालय पर कार्य से फुर्सत ही नहीं मिलती है कि मैं इन सब मामलों में हस्तक्षेप कर सकूं।

जिले में कुल 40 जिला पंचायत सदस्य पद की सीट है। जिसमे भाजपा-6 सपा-11 बसपा-10 कांग्रेस-1 अन्य-12 सीटे मिली है। ऐसे में किसी के पास भी बहुमत नही है जो अपना बोर्ड बना सके लेकिन बीजेपी और सपा जोड़तोड़ की राजनीति कर अपना अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का प्रयास कर रही है।

पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक हेमन्त कुटियाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी जांच चल रही है, बयानों और साक्ष्य संकलन के बाद अग्रिम कार्यवाई की जाएगी।

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