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BJP MLA की भाभी का 6 साल के लिए हुआ था निष्कासन, डेढ़ महीने में हो गयी वापसी

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BJP MLA की भाभी का 6 साल के लिए हुआ था निष्कासन, डेढ़ महीने में हो गयी वापसी

बलरामपुर। कहते हैं राजनीति में कुछ भी स्थाई नहीं होता है। ना आपकी जीत, ना ही आपकी हार और ना ही आपके ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई। वहीं, जब बात दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की हो रही हो तो सब कुछ भावहीन हो जाता है। भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में बड़ा फर्क नज़र आता है। अगर इस बात को जानना है तो आपको त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का रुख करना चाहिए।

बलरामपुर जिले में पंचायत चुनावों के दृष्टिगत जिन बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। अब उन्हें धीरे-धीरे फिर से पार्टी की न केवल सदस्यता दी जा रही है। बल्कि उन्हें पदाधिकारी भी बनाया जा रहा है। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने दावा किया था कि पार्टी से निष्कासित सभी लोगों को अगले 6 वर्ष तक पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। लेकिन अब सुगबुगाहट यहां तक है कि पार्टी में फिर से शामिल होने वाले नेत्रियों और नेताओं को मलाईदार पदों से नवाजा जाएगा।

कलाम न0 9 देखिए

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी से दावेदारी करने वाले कई नेताओं और पदाधिकारियों को टिकट या समर्थन नहीं मिल सका था। सो, वो नेताओं या पदाधिकारी पार्टी लाइन से बाहर जाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार बनकर मैदान में आ गए। अंदरखाने से पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया तो चुनाव जीत गए। भाजपा से जिन नेताओं या पदाधिकारियों ने बागी होकर चुनाव लड़ा था। उन्हें पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने 6 वर्षों तक के लिए निष्काषित कर दिया था। लेकिन अब धीरे धीरे उन नेताओं को पार्टी में शामिल किया जा रहा है। पंचायत चुनावों के दौरान गैंसड़ी से विधायक शैलेंद्र सिंह शैलू की भाभी रेनू सिंह सहित 14 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया था।

दरअसल जिला पंचायत वार्ड नं0 10 पिपरहवा विशुनपुर से बीजेपी ने प्रदेश नेतृत्व के आदेशानुसार बीजेपी विधायक की रिश्तेदार रही उनकी भाभी रेनू सिंह को टिकट नही दिया था। बीजेपी ने वहां से प्रीति सिंह को टिकट दिया था। बावजूद इसके रेनू सिंह ने उसी वार्ड से निर्दलीय पर्चा भरा था जिसका संज्ञान लेते हुए प्रदेश नेतृत्व के आदेशानुसार पार्टी जिलाध्यक्ष ने रेनू सिंह को बीजेपी से 6 वर्षो के लिये निष्कासित कर दिया था। चुनाव हुए और रेनू सिंह ने जीत हासिल की, हालांकि इस जीत पर तमाम तरह के आरोप भी लगे लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पुनः रेनू सिंह को महज दो माह के भीतर ही भाजपा में वापसी करा दी गयी है।

अब गैंसड़ी से विधायक शैलेंद्र सिंह शैलू की भाभी रेनू सिंह पत्नी मिथिलेश सिंह को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया है। गोंडा में अवध प्रान्त के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण और पति मिथिलेश सिंह की मौजूदगी में उन्हें बीजेपी में शामिल कर लिया गया। भाजपा मीडिया प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि किसी को पार्टी में शामिल करना या उसे निष्कासित करना प्रदेश अध्यक्ष व क्षेत्रीय अध्यक्ष के विशेषाधिकार में आता है मिथिलेश सिंह की पत्नी रेनू सिंह पार्टी को पार्टी में फिर से शामिल कर लिया गया है।

हम आपको बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी से रेणु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। इस बार बलरामपुर की सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। इसी पद की दावेदारी के लिए रेनू सिंह को भाजपा में शामिल किया गया है।

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